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कानपुर नगर निगम के टेंडर विवाद में बड़ी कार्रवाई, 100 करोड़ के टेंडर निरस्त

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अवैध वसूली और धमकी के आरोपों में छह मुकदमे दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य आरोपी गोविंद शर्मा फरार

सात फर्में ब्लैकलिस्ट, पुरानी प्रक्रिया खत्म कर अब ऑनलाइन ई-टेंडरिंग से होगा कामों का आवंटन

अरविन्द पाण्डेय,तरुण अग्निहोत्री

कानपुरकानपुर नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया को लेकर सामने आए कथित अनियमितता, अवैध वसूली और ठेकेदारों को धमकाने के मामले में पुलिस और नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में अब तक छह मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। मुख्य आरोपी बताए जा रहे गोविंद शर्मा की तलाश में पुलिस टीमें राजस्थान और मध्य प्रदेश में दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार गोविंद की लोकेशन राजस्थान में मिली है।

मामले को लेकर मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद कार्रवाई तेज होने की बात कही गई है। नगर निगम की शिकायत पर स्वरूप नगर थाने में पांच मुकदमे दर्ज हुए हैं, जबकि एक ठेकेदार की शिकायत पर फजलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक गोविंद शर्मा, संदीप जैन और रज्जन बाजपेयी के खिलाफ रंगदारी और धमकी देने के आरोपों में कार्रवाई की गई है।

लॉटरी सिस्टम पर उठे सवाल, करीब 100 करोड़ के टेंडर रद्द

जांच के दौरान टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने और ठेकेदारों पर दबाव बनाने के आरोप सामने आने के बाद नगर निगम ने पुरानी व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया है। नगर आयुक्त ने करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त कर दिए हैं। इन कार्यों के लिए अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नगर निगम के लंबित और आगामी कार्यों का आवंटन अब ऑनलाइन ई-टेंडरिंग के माध्यम से किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और किसी भी तरह के दबाव या हस्तक्षेप की संभावना को कम करना है।


सात फर्में ब्लैकलिस्ट,बैंक खातों और अधिकारियों की भूमिका की जांच

पुलिस और संबंधित विभाग मामले में शामिल फर्मों के साथ उनके बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रहे हैं। अब तक करीब सात ठेकेदार फर्मों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कथित अनियमितताओं में किसी अधिकारी की भूमिका थी या नहीं।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार मामले में अवैध वसूली, डराने-धमकाने और ठेकों में अनियमितता से संबंधित छह अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं। दो अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि गोविंद शर्मा की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब जांच का दायरा टेंडर प्रक्रिया से जुड़े लोगों, फर्मों, वित्तीय लेनदेन और संभावित सरकारी संलिप्तता तक बढ़ गया है।

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